‘स्वतंत्रता’ का सन्देश देता ‘श्रीकृष्ण’ का जीवन

भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कारागार में हुआ। पर स्वतंत्र होने तथा अपनों को दुःख की बेड़ियों से मुक्त करने की चाह … पढ़ना जारी रखें ‘स्वतंत्रता’ का सन्देश देता ‘श्रीकृष्ण’ का जीवन

स्वाधीनता आन्दोलन और उसके मोल को क्या हम समझ पाए?

(15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस पर विशेष) स्वतंत्रता सबको प्रिय है। क्योंकि स्वतंत्रता मनुष्य का स्वभाव है। यही कारण है कि … पढ़ना जारी रखें स्वाधीनता आन्दोलन और उसके मोल को क्या हम समझ पाए?

राष्ट्र व संस्कृति की रक्षा का संकल्प

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरूजी गोलवलकर के अनुसार, “राष्ट्र सांस्कृतिक ईकाई होती है। जब किसी जनसमूह … पढ़ना जारी रखें राष्ट्र व संस्कृति की रक्षा का संकल्प

शक्तिशाली संघ के रहते ‘आपातकाल’ कैसे टिक सकता था?

– लखेश्वर चंद्रवंशी ‘लखेश’ 25 जून, 1975 की काली रात को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ‘आपातकाल’ (Emergency) लगाकर देश को … पढ़ना जारी रखें शक्तिशाली संघ के रहते ‘आपातकाल’ कैसे टिक सकता था?

राष्ट्र, राष्ट्रीयता और देशभक्ति की उदात्त संकल्पना

इन दिनों राष्ट्र, राष्ट्रीयता और राष्ट्रवाद जैसे शब्दों का प्रयोग आम हो चला है। जबकि इन शब्दों के पीछे गहन … पढ़ना जारी रखें राष्ट्र, राष्ट्रीयता और देशभक्ति की उदात्त संकल्पना

नोटबंदी पर जनमत : संसद को बाधित करनेवालों पर हो सख्त कार्रवाई

लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा और विरोध का सिलसिला जारी है। ऐसा लग रहा है कि सदन हंगामा करनेवालों के … पढ़ना जारी रखें नोटबंदी पर जनमत : संसद को बाधित करनेवालों पर हो सख्त कार्रवाई

आम्बेडकर के कथनानुसार – “मार्क्स नहीं, बुद्ध ही सही”

भगवान विष्णु के नवम अवतार माने-जानेवाले भगवान बुद्ध के विचार व सिद्धांत आधुनिक युग में सबसे अधिक प्रासंगिक माने जा … पढ़ना जारी रखें आम्बेडकर के कथनानुसार – “मार्क्स नहीं, बुद्ध ही सही”