क्रिकेट का बढ़ता रोमांच और हमारी भारतीय टीम  

फुटबॉल के बाद क्रिकेट ही ऐसा खेल है जो विश्व में दिन ब दिन अधिक लोकप्रिय होता जा रहा है। … पढ़ना जारी रखें क्रिकेट का बढ़ता रोमांच और हमारी भारतीय टीम  

मन वाचा कर्म से सदैव एक रूप हो : मा.भानुदासजी

मन वाचा कर्म से सदैव एक रूप हो : मा.भानुदासजी मैं कौन हूं? मेरे इस जीवन में मेरी क्या भूमिका … पढ़ना जारी रखें मन वाचा कर्म से सदैव एक रूप हो : मा.भानुदासजी

शिव सुंदर नव समाज विश्ववंद्य हम गढ़ें : मा.निवेदिता दीदी

शिव सुंदर नव समाज विश्ववंद्य हम गढ़ें : मा.निवेदिता दीदी 123 वर्ष पूर्व तीन दिन-तीन रात ध्यानस्थ रहकर स्वामी विवेकानन्दजी … पढ़ना जारी रखें शिव सुंदर नव समाज विश्ववंद्य हम गढ़ें : मा.निवेदिता दीदी

‘वयं सुपुत्रा अमृतस्य नूनं’ का सन्देश लेकर जाएं : मा. बालकृष्णनजी

वयं सुपुत्रा अमृतस्य नूनं,सेवाव्रती, जीवनव्रती, वानप्रस्थी पढ़ना जारी रखें ‘वयं सुपुत्रा अमृतस्य नूनं’ का सन्देश लेकर जाएं : मा. बालकृष्णनजी

सेवा के लिए समर्पण की नित्य साधना करनी होगी : मा. पी.परमेश्वरन

अभावग्रस्त लोगों की सेवा करना प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना जीवन समर्पित करना है। ऐसे समर्पण की नित्य साधना करनी होगी। ऐसे समर्पण का भाव अपने भीतर विद्यमान दिव्यत्व की अनुभूति से प्रगट होता है। सारे समर्पित कार्य का स्रोत अपने हृदय की प्रेरणा होती है। पढ़ना जारी रखें सेवा के लिए समर्पण की नित्य साधना करनी होगी : मा. पी.परमेश्वरन

देशद्रोहियों का अड्डा ‘जेएनयू’, गद्दारों पर कार्रवाई हो या जेएनयू को बंद करो

हम सरकार को इसलिए टैक्स देते हैं कि सरकार हमारे रुपयों से राष्ट्र की गरिमा और उत्थान के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और राष्ट्र रक्षा के लिए योजना बनाएं और उसके कार्यान्वयन के लिए व्यय करें। लेकिन केन्द्र सरकार के अधीन एक सरकारी विश्वविद्यालय जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के बहुत से देशविरोधी छात्र-छात्राएं भारत की गरिमा को चुनौती देते हुए हमारे महान राष्ट्र की बर्बादी के नारे लगाए जाते हैं। भारत के अविभाज्य अंग, देश का सिरमौर कश्मीर को भारत से अलग करने की कसमें खाए जाते हैं। यही कारण है कि भारत विरोधी नारों का अड्डा बन चुके जेएनयू परिसर प्रत्येक भारतवासी के हृदय को आहत करनेवाला स्थान बनकर रह गया है। पढ़ना जारी रखें देशद्रोहियों का अड्डा ‘जेएनयू’, गद्दारों पर कार्रवाई हो या जेएनयू को बंद करो

बाल गंगाधर तिलक की ‘लोकमान्य’ पत्रकारिता

(23 जुलाई, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जयंती पर विशेष) – लखेश्वर चंद्रवंशी ‘लखेश’   बाल गंगाधर तिलक यह नाम ‘लोकमान्य’ … पढ़ना जारी रखें बाल गंगाधर तिलक की ‘लोकमान्य’ पत्रकारिता